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Pakur में हुनर की नई इबारत लिख रहीं बेटियां, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण के बाद आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

सीटी ब्यूटी पार्लर में भव्य विदाई सह सम्मान समारोह, प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं को मिला प्रमाण पत्र; अतिथियों ने कहा—हुनर को बनाएं अपनी पहचान, रोजगार के लिए न रहें किसी के मोहताज

पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ में अब रोजगार की तलाश नहीं, अपने हुनर से रोजगार पैदा करने का संकल्प! हाथों में हुनर, आंखों में सुनहरे सपने और कुछ कर गुजरने का जज्बा लेकर पाकुड़ की बेटियां आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने को तैयार हैं। कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण की इसी भावना के साथ रविवार को राज प्लस टू रोड, हाई स्कूल के समीप स्थित सीटी ब्यूटी पार्लर में प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं के सम्मान में विदाई सह प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उन्हें अपने हुनर के दम पर नई पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी लुत्फुल हक, राजेंद्र मंडल एवं जैनेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनके परिश्रम, अनुशासन एवं लगन की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में हुनर ही सबसे बड़ी पूंजी है। यदि महिलाएं कौशल के साथ आत्मविश्वास को अपना हथियार बना लें, तो वे नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद रोजगार देने वाली बन सकती हैं।

संस्थान के निदेशक मोहम्मद हैदर अली ने कहा कि सीटी ब्यूटी पार्लर की पहल का उद्देश्य केवल छात्राओं को प्रशिक्षण देना या प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाकर आत्मनिर्भरता की राह दिखाना है। ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद छात्राएं अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और अपने हुनर को आमदनी का मजबूत जरिया बना सकती हैं। संस्थान का प्रयास है कि प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास पैदा हो और वे आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहें।

वहीं, पार्लर की ट्रेनर सह प्रभारी अंजली सिंह के मार्गदर्शन में छात्राओं को सौंदर्य एवं साज-सज्जा से संबंधित विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें काम की बारीकियों से लेकर पेशेवर दक्षता तक की जानकारी दी जाती है। संस्थान के प्रशिक्षण एवं संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उनके नेतृत्व में किया जाता है।

समारोह में भावुकता और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। जिन हाथों ने प्रशिक्षण के दौरान हुनर सीखा, अब वही हाथ अपने सपनों को साकार करने की तैयारी में हैं। प्रमाण पत्र के साथ छात्राओं को केवल प्रशिक्षण की पहचान नहीं मिली, बल्कि भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने का नया आत्मविश्वास भी मिला।

कार्यक्रम में सीटी परिवार के सदस्यों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ समारोह का समापन हुआ।

संदेश साफ है—बेटियों को हुनर दीजिए, वे अपनी तकदीर खुद लिखेंगी।

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Author: In Tv

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