हाथों में लॉटरी टिकटों के बंडल, बाजारों में खुलेआम बिक्री की शिकायत; कथित नेटवर्क के सरगना और सहयोगियों को लेकर चर्चाएं तेज, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ जिले में अवैध लॉटरी के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाकुड़,हिरणपुर, महेशपुर समेत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छपाई वाली लॉटरी टिकटों की कथित रूप से धड़ल्ले से बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। तस्वीरों में लॉटरी टिकटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को लेकर जांच की मांग को और तेज करते हैं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अवैध लॉटरी का यह कारोबार अब किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका नेटवर्क दूसरे बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी फैल रहा है। सवाल यह है कि आखिर इन टिकटों की छपाई कहां हो रही है? इनकी सप्लाई कौन कर रहा है और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में इनकी बिक्री का संचालन किसके इशारे पर हो रहा है?
कथित नेटवर्क में शमीम शेख, अमीर अंसारी और संदीप रक्षित के नाम चर्चा में
सूत्रों के हवाले से इस कथित अवैध लॉटरी नेटवर्क के पीछे पाकुड़ निवासी शमीम शेख का नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आने की बात कही जा रही है। वहीं हिरणपुर निवासी अमीर अंसारी और संदीप रक्षित के नाम भी कथित सहयोगियों के रूप में चर्चा में हैं। हालांकि, इन व्यक्तियों की भूमिका की अब तक स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित लोगों का पक्ष भी सामने आना बाकी है। हालांकि इन लोगो की मोबाइल फोन जप्त करने पर सारे काले कारनामे सामने आ सकते है। लेकिन क्या पुलिस प्रशासन के तरफ से क्या कार्रवाई होती है ये तो देखने वाली बात होगी।
खुले बाजार में टिकटों की बिक्री, प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जिले के विभिन्न बाजारों में छपाई वाली लॉटरी टिकटों की बिक्री हो रही है, तो इनकी छपाई, परिवहन और वितरण पर निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है? क्या संबंधित विभागों को इस कारोबार की जानकारी नहीं है या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं?
अवैध लॉटरी का कारोबार आम लोगों को आर्थिक नुकसान के जाल में फंसा सकता है। ऐसे में इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होना जरूरी है।
पुलिस प्रशासन से उठे पांच बड़े सवाल
- छपाई वाली लॉटरी टिकटों की छपाई आखिर कहां की जा रही है?
- पाकुड़, हिरणपुर और महेशपुर तक टिकटों की सप्लाई कौन कर रहा है?
- कथित नेटवर्क में बताए जा रहे लोगों की भूमिका की जांच कब होगी?
- अवैध टिकटों की बिक्री करने वाले दुकानदारों और वितरकों पर कार्रवाई कब होगी?
- इस कारोबार के पीछे यदि कोई बड़ा नेटवर्क है, तो उसके पूरे तंत्र का खुलासा कब होगा?
अब कार्रवाई का इंतजार
पाकुड़ जिले में अवैध लॉटरी के कथित कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब पुलिस प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। जरूरत है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर टिकटों की छपाई से लेकर सप्लाई और बिक्री तक जुड़े लोगों की पहचान की जाए। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि पाकुड़ पुलिस इस कथित नेटवर्क की तह तक पहुंचकर कोई ठोस कार्रवाई करती है या अवैध लॉटरी का यह कारोबार इसी तरह जारी रहता है।
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