रांची/रामगढ़ : झारखंड आंदोलन के महानायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को रामगढ़ जिले के नेमरा-लुकैयाटांड़ में भावनाओं और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने दिशोम गुरु की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया और 105.2 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देकर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने मंच से भावुक शब्दों में कहा कि “दिशोम गुरु ने अलग झारखंड राज्य के सपने को साकार किया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगा।” उन्होंने कहा कि यह दिन केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड, आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज के लिए भावुक क्षण है।
“इतिहास और जड़ों को कभी मत भूलिए”
हेमंत सोरेन ने कहा कि लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में स्थापित प्रतिमा का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, संघर्ष और विरासत से जोड़ना है। उन्होंने लोगों से समाज में भाईचारा, एकजुटता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि यही असामाजिक ताकतों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
युवाओं को दिया बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से भटकाव से दूर रहकर झारखंड के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज गुरुजी के विचार किसी एक गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में सम्मान के साथ याद किए जाते हैं।
वीरों की धरती झारखंड का गौरव
हेमंत सोरेन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु जैसे महापुरुषों के संघर्ष ने झारखंड को पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अब राज्य को आगे बढ़ाने और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में आम लोग मौजूद रहे। प्रथम पुण्यतिथि पर पूरे माहौल में श्रद्धांजलि, सम्मान और विकास का संदेश एक साथ देखने को मिला।
Report By मुजफ्फर हुसैन








