पाकुड (Pakur): हिरणपुर प्रखंड के भंडारों मौजा स्थित मेसर्स राधा स्टोन वर्क्स पत्थर क्रेशर प्लांट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्लांट में निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए पत्थरों की क्रशिंग की जा रही है, जिससे आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर उठ रही शिकायतों के अनुसार, क्रशिंग के दौरान उड़ने वाली धूल आसपास के पेड़-पौधों पर जम रही है, जिससे उनके प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, मुख्य सड़क से सटी खदान में पत्थर उत्खनन की गतिविधियों को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि संबंधित क्रेशर प्लांट और खदान में पर्यावरण संरक्षण, धूल नियंत्रण तथा खनन से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। मामले में संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करना जरूरी है।
प्रशासन से जांच की मांग
मामले की निष्पक्ष जांच कर क्रेशर प्लांट और खदान की वैधता, पर्यावरणीय प्रावधानों तथा सुरक्षा मानकों की जांच की जानी चाहिए। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जब इस मामले में मैने क्रशर संचालक गंगाराम घोष से फोन पर बात की तो उन्होंने बोला कि आपने किसका आदेश पर मेरे प्लांट का फोटो लिया तब मैने बोला कि कोई आदेश है विभाग द्वारा की बिना परमिशन का क्रशर में फोटो नहीं लेने का आदेश निकला हो. तब उन्होंने बोला आपको झूठा केस में फंसायेंगे साथ ही उन्होंने पत्रकार के साथ अशब्द भाषा का प्रयोग भी किया. यहां तक कि जान से मारने की बात भी कह डाला. गंगाराम घोष क्रशर संचालक की मनमानी चरम पर है लेकिन जब मैने पूछा पानी छिड़काव का नियम आपने क्यों नहीं पालन किया तब उन्होंने बात को टालते हुए फोन कट कर दिया।
इसलिए विभाग की ओर से ऐसे क्रशर संचालक पर उचित कार्रवाई करने की जाए ताकि पत्रकार को धमकाने से पहले अपने आप को झाके की वो कितना गलत है।
फिलहाल इस मामले में पर्यावरण विभाग के पक्ष आने के बाद खबर को दोबारा प्रकाशित किया जाएगा।
Report by in tv







