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Ranchi एपीसीआर की राज्यस्तरीय टीम ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

राँची (Ranchi): झारखण्ड के रांची मे एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) की राज्यस्तरीय टीम टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव पहुंचकर चार अगस्त को हुई मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटना के संबंध में मृतक इमरोज अंसारी के परिजनों से मुलाकात की और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। मृतक के भाई जुबैर अंसारी ने टीम को बताया कि इस सनसनीखेज मामले में चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने और उग्र भीड़ से पीड़ितों की जान बचाने में असफल रहने के आरोप में दो सब-इंस्पेक्टरों (सुनील सिंह व दुलारी पूर्ति) तथा दो सिपाहियों (दशरथ महतो व प्रदीप कुमार) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तथा तनाव को देखते हुए इस इलाके में धारा 163 बीएनएस लागू कर दी गई है। पुलिस की एक टीम मृतक के घर के पास तैनात रखी गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​जांच में यह बात सामने आई कि एक विवाद को लेकर उग्र ग्रामीणों ने मो. इमरोज और उनके पिता सुल्तान मियां पर जानलेवा हमला कर दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से यह स्पष्ट हुआ कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पीड़ित पिता-पुत्र को भीड़ से बचाने के लिए कोई भी ठोस प्रयास नहीं किया। इस अमानवीय पिटाई से गंभीर रूप से घायल इमरोज अंसारी की इलाज के दौरान शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग में मौत हो गई थी। ​एसपी अनिमेष नैथानी ने टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बड़वार की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन लापरवाह पुलिसकर्मियों पर यह कार्रवाई की है। पुलिस अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। ​घटना के बाद एपीसीआर की टीम टंडवा थाना भी गई, लेकिन थाना प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। हालांकि, दूरभाष पर संपर्क करने पर थाना प्रभारी ने बताया कि टंडवा थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज़ कर मामले की गहन जांच कर करवाई की जा रही है। ​एपीसीआर की टीम ने आश्वस्त किया है कि वे पीड़ित परिवार को हरसंभव कानूनी सहायता प्रदान करेंगे और इस मामले की पैरवी पूरी तरह से निःशुल्क की जाएगी ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके। एपीसीआर ने राज्य सरकार से मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून बनाने की मांग की है और मृतक के परिवार को पचास लाख रुपए मुआवजा राशि देने की भी मांग की है। एपीसीआर की फैक्ट फाइंडिंग टीम में एडवोकेट ज़ियाउल्लाह, सेक्रेटरी, एपीसीआर झारखंड, एडवोकेट रजाउल्लाह अंसारी, वाइस प्रेसिडेंट, झारखंड, एडवोकेट कमर इमाम डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी, एपीसीआर और एडवोकेट सैयद शीश आलम, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट,​एपीसीआर रांची शामिल थे।

Report By मुजफ्फर हुसैन 

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Author: In Tv

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