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Ranchi: स्वास्थ्य, जल और खाद्य सुरक्षा पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रांची (RANCHI): झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने कमर कस ली है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। वहीं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत आयोजित महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में शामिल होकर राज्य की प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा।

स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ANM, GNM, डॉक्टरों और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया ताकि अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी दूर हो सके।
एम्बुलेंस सेवा को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने AI आधारित कॉल सेंटर शुरू करने और ओला-उबर मॉडल पर आधुनिक एम्बुलेंस सेवा विकसित करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके अलावा रेफरल सिस्टम को मजबूत बनाने, आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों का ऑडिट कराने, अस्पतालों की स्वच्छता व्यवस्था सुधारने, ABHA कार्ड अभियान को गति देने और आई-चेकअप कैंप आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में UG एवं PG सीटों की संख्या बढ़ाने, ब्लड बैंक एवं ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित करने, रिहैबिलिटेशन और थेरेपी सेंटर शुरू करने तथा निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का कार्य तय समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने अबुआ दवाखाना योजना को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने का संकल्प दोहराया

जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत आयोजित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ भाग लिया। इस दौरान उन्होंने झारखंड की जरूरतों और प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखते हुए हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में लंबित जलापूर्ति परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने, जल सहिया दीदियों को और अधिक सशक्त बनाने तथा झारखंड की लंबित राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मिलेगी मजबूती

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जनहित से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक माह आयोजित होने वाले आहार दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
साथ ही धोती-लूंगी-साड़ी योजना का मूल्यांकन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने, मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्रों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अनाज परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जल्द लागू करने का निर्देश दिया। इसके अलावा धान अधिप्राप्ति में राज्य की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने तथा दलहन खरीद के लिए सिदकोफेड के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

विकास और जनकल्याण पर सरकार का स्पष्ट फोकस
लगातार हुई इन महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और इसके लिए सभी विभाग परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाएं।

Desk Report By IN TV

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Author: In Tv

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