पाकुड़: (PAKUR): गरीबों की सेवा बना पहचान • मंत्रियों ने की खुलकर तारीफ • देश-विदेश में फिर गूंजा नाम, समाजसेवा की मिसाल बन चुके पाकुड़ के चर्चित व्यवसायी व समाजसेवी लुत्फल हक ने एक बार फिर जिले का मान बढ़ाया है। दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित “विकसित भारत लीडरशिप सम्मिट 2026” में उन्हें सामाजिक कल्याण और विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह राजधानी के एक पांच सितारा होटल में भव्य अंदाज में आयोजित हुआ, जहां देशभर के चुनिंदा हस्तियों को आमंत्रित किया गया था।
मंत्रियों के हाथों मिला सम्मान, जमकर हुई सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहे।
दोनों मंत्रियों ने लुत्फल हक को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा—
“लुत्फल हक समाज में बिना किसी भेदभाव के सेवा कर रहे हैं, यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है।”
‘विकसित भारत’ के मिशन में ऐसे लोगों की अहम भूमिका
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे समाजसेवी इस अभियान की असली ताकत हैं।
सेवा का जुनून: हर दिन बन रहे सैकड़ों लोगों की उम्मीद
लुत्फल हक की पहचान सिर्फ एक व्यवसायी नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान के रूप में है जो हर जरूरतमंद के साथ खड़ा रहता है।
लुत्फ़ल हक़ के प्रमुख सामाजिक कार्य—
पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर 3 वर्षों से रोजाना 300+ गरीबों को निःशुल्क भोजन
गरीब बच्चों को फ्री कंप्यूटर शिक्षा
गरीब बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग
जरूरतमंदों को वस्त्र वितरण
हजारों लोगों को हेलमेट वितरण (सड़क सुरक्षा अभियान)
कोरोना काल में ऑक्सीजन, मास्क और मदद
खास बात: उनके पास आने वाला कोई भी जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटता।
देश से लेकर विदेश तक पहचान
लुत्फल हक के कार्यों की गूंज सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। उन्हें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता के अलावा लंदन, दुबई, सिंगापुर और मलेशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सम्मानित किया जा चुका है.
लुत्फल हक का यह सम्मान सिर्फ एक अवार्ड नहीं, बल्कि समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की मुहर है। ऐसे लोग ही “विकसित भारत” के सपने को जमीन पर उतारते हैं और समाज को इंसानियत की राह दिखाते हैं।
Report by शमशेर अहमद








