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पाकुड़: शताब्दी की रफ्तार से जुड़ा पाकुड़, लेकिन जमीनी सच्चाई अब भी सवालों के घेरे में

पाकुड़ (PAKUR): झारखंड के पाकुड़ को आखिरकार रेलवे के नक्शे पर बड़ी पहचान मिल गई है। पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर अब हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी एक्सप्रेस और सेंट्रल जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो चुका है।
यह सिर्फ ट्रेन का ठहराव नहीं, बल्कि विकास की नई पटरी पर जिले के बढ़ते कदमों का संकेत है।

वर्षों का इंतजार खत्म, मिली बड़ी सौगात

लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद मिली इस सुविधा ने पाकुड़ समेत पूरे क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत दी है। अब लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे स्टेशनों का रुख करने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। 

उद्घाटन बना उत्सव, लोगों में दिखा उत्साह

इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने वर्चुअल माध्यम से किया।
वहीं हावड़ा डिवीजन के डीआरएम विशाल कपूर ने स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर ट्रेनों को रवाना किया।
स्टेशन परिसर में जश्न जैसा माहौल रहा—स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और रेलकर्मी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।

खुशी के बीच उठे तीखे सवाल
हालांकि इस उपलब्धि के साथ कई अहम मुद्दे फिर से चर्चा में आ गए हैं—
कोविड-19 के दौरान बंद ट्रेनों की बहाली अब तक नहीं
अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब का अभाव
आम यात्रियों के लिए सस्ती और नियमित ट्रेनों की कमी 

स्टेशन की बदहाली बनी बड़ी चिंता

पाकुड़ रेलवे स्टेशन की मौजूदा स्थिति यात्रियों की नाराजगी का कारण बनी हुई है:
गंदगी और रखरखाव की कमी
शौचालयों की दयनीय हालत
महिला यात्रियों के लिए सीमित सुविधाएं
दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर जैसी बुनियादी व्यवस्था का अभाव
👉 यात्रियों का कहना है—“शताब्दी का ठहराव स्वागत योग्य है, लेकिन सुविधाएं अभी भी पिछड़ी हैं।”
जनता की आवाज: ये हैं बड़ी मांगें
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेल प्रशासन के सामने साफ तौर पर अपनी मांगें रखी हैं—
👉  दिल्ली और वाराणसी के लिए सीधी ट्रेन सेवा
👉 कोविड काल में बंद ट्रेनों की शीघ्र बहाली
👉 स्टेशन की साफ-सफाई और आधुनिकीकरण
👉 महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा
👉 रफ्तार मिली, राहत अभी अधूरी
पाकुड़ को मिली यह नई रेल सौगात निश्चित रूप से विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
लेकिन जब तक बुनियादी सुविधाओं में सुधार और आम यात्रियों की जरूरतों का समाधान नहीं होता, तब तक यह खुशी अधूरी ही रहेगी।
👉 “पटरियों पर दौड़ती शताब्दी ने उम्मीदें तो जगा दी हैं, अब बारी है सिस्टम को उन उम्मीदों पर खरा उतरने की…”

Desk report by IN TV

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Author: In Tv

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