पाकुड़ (PAKUR): रामनवमी के अवसर पर इस वर्ष पाकुड़ जिले ने शांति, सौहार्द और सामाजिक एकता की एक शानदार मिसाल पेश की। जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निकाले गए जुलूस प्रशासन की कड़ी निगरानी और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के बीच पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिलने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। 
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने पर्व को लेकर पहले से ही व्यापक रणनीति तैयार की थी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रमुख चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति, लगातार पेट्रोलिंग, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और विशेष कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही थी।
प्रशासन की सख्ती और जनता का सहयोग बना सफलता की कुंजी
रामनवमी के दौरान प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ आम नागरिकों और रामनवमी समितियों ने भी अनुशासन का परिचय दिया। जुलूस के निर्धारित रूट, समय-सीमा और ध्वनि नियंत्रण जैसे दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। युवाओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे माहौल को सकारात्मक बनाए रखा। 
महेशपुर से आई एकता की मिसाल
इस बीच महेशपुर प्रखंड से भाईचारे और इंसानियत की एक अनोखी तस्वीर सामने आई। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रामनवमी जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह पानी और कोल्ड्रिंक्स वितरण कर उन्होंने आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
वहीं, हिंदू समुदाय के लोगों ने भी इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया और प्रेमपूर्वक इस सेवा को स्वीकार किया। दोनों समुदायों के बीच यह आपसी सम्मान और सहयोग गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत झलक बन गया। 
संदेश साफ—एकता में ही ताकत
पाकुड़ में इस बार की रामनवमी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी विश्वास का मजबूत संदेश दिया। प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन एक मिसाल बनकर उभरा, जिसने जिले की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया।
Report by शमशेर अहमद








