आंगनबाड़ी, स्कूल, पीडीएस दुकान और एमटीसी सेंटर का औचक दौरा, अधिकारियों को सख्त निर्देश—”भूख से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए”
पाकुड़ (Pakur): झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्य श्रीमती शबनम परवीन ने गुरुवार को पाकुड़ सदर प्रखंड के विभिन्न सरकारी संस्थानों का व्यापक निरीक्षण कर खाद् सुरक्षा, पोषण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि योजनाओं उन्होंने रसीक टोला व मटियापहाड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र, उत्क्रमित विद्यालय सोनाजोड़ी, मध्य विद्यालय मंगलापाड़ा, भगतपाड़ा पीडीएस दुकान तथा सदर अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एमटीसी) का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं, भोजन, पोषण, स्वच्छता तथा लाभुकों को मिल रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पूरक पोषण आहार, प्री-स्कूल शिक्षा, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को दी जा रही सेवाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक लाभुक तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर पहुंचनी चाहिए।
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (पीएम पोषण) योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मेन्यू, स्वच्छता और विद्यार्थियों की उपस्थिति का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन एवं अंडा उपलब्ध कराया जाए।
भगतपाड़ा स्थित पीडीएस दुकान में उन्होंने खाद्यान्न वितरण, स्टॉक एवं अभिलेखों की जांच करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र लाभुक को निर्धारित मात्रा और गुणवत्ता के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ राशन मिलना चाहिए।
सदर अस्पताल के एमटीसी सेंटर में कुपोषित बच्चों के इलाज और पोषण सेवाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि बच्चों के उपचार एवं स्वास्थ्य निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के बाद परिसदन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने दो टूक कहा कि जिले में भूख से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं होनी चाहिए। यदि कोई परिवार अत्यंत जरूरतमंद हो तो उसे राहत कोष से तत्काल 10 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उसका राशन कार्ड बनाकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
श्रीमती शबनम परवीन ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक भोजन, पोषण और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है। अधिकारियों को उन्होंने संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सीडीपीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Desk Report by in Tv








