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Pakur सड़क पर समंदर! हाथीगढ़ में जलजमाव ने बढ़ाई हादसे की आशंका, दोनों तरफ खदान… बीच में ‘खतरे की सड़क’

पाकुड़ में सिस्टम की लापरवाही का दिखा खतरनाक नजारा, पानी में डूबी सड़क से गुजरने को मजबूर राहगीर

पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ से तस्वीरें झकझोर देने वाली सामने आयी हैं… सड़क है या समंदर का मंजर?
पानी ही पानी… और इसी पानी के बीच से गुजरते वाहन और राहगीर। मामला लिट्टीपाड़ा के हाथीगढ़ खनन क्षेत्र का है, जहां हिरणपुर से बरहरवा जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जलजमाव के कारण बेहद खतरनाक नजर आ रही है।
सड़क के दोनों तरफ खदान, और बीच में पानी से लबालब सड़क… ऐसे हालात में राहगीरों के बीच हादसे का डर साफ दिखाई दे रहा है। पानी की गहराई और सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण कभी भी वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है।

खदान के बीच पानी में डूबी सड़क… कितना सुरक्षित है सफर?

स्थानीय राहगीरों की मानें तो सड़क पर लगातार जलजमाव रहने से सड़क के धंसने की आशंका बनी हुई है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता किसी खतरे से कम नहीं है। अगर पानी के नीचे सड़क का हिस्सा कमजोर हुआ या अचानक धंस गया, तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क के दोनों तरफ खनन क्षेत्र मौजूद है, तो ऐसे संवेदनशील मार्ग पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं है?

हादसे का इंतजार या उससे पहले होगी कार्रवाई?

राहगीरों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क से पानी की निकासी कराई जाए, जलजमाव की समस्या को स्थायी रूप से दूर किया जाए और सड़क की मजबूती की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए।

क्योंकि सवाल सिर्फ जलजमाव का नहीं… सवाल लोगों की जिंदगी का है।

अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह जलजमाव किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

अब देखना होगा—प्रशासन इस ‘खतरे की सड़क’ को लेकर कब जागता है?

Desk Report By in Tv

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Author: In Tv

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