पाकुड़ (Pakur) : झारखण्ड के पाकुड़ जिले मे विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर पचवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस परियोजना क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। परियोजना क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन अमरापाड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता एवं अंचल अधिकारी औसाफ अहमद खान ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर WBPDCL के महाप्रबंधक रामाशीष चटर्जी, माइंस मैनेजर महेश कुमार, वेलफेयर ऑफिसर देबाशीष भुइं, SHAR Projects के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिलीप तमन तथा CSR एवं PR के महाप्रबंधक संजय बेसरा समेत कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नौ प्रभावित गांवों में पहुंचेगी मेडिकल यूनिट
WBPDCL की ओर से उपलब्ध कराई गई इस मोबाइल मेडिकल यूनिट का उद्देश्य परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों को उनके घर के करीब प्राथमिक और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों की लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मोबाइल मेडिकल यूनिट परियोजना से प्रभावित नौ गांवों में सप्ताह में दो दिन पहुंचेगी। इससे दूर-दराज के ग्रामीणों को सामान्य जांच और प्राथमिक उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी।
MBBS डॉक्टर और दो नर्सों की रहेगी तैनाती
मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक MBBS चिकित्सक और दो नर्सें तैनात रहेंगी। वाहन में मरीजों की आवश्यक जांच के लिए मोबाइल पैथोलॉजी, ECG, Foetal Doppler, ENT जांच के लिए Otoscope और ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इसके अलावा मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की जांच किट के साथ आवश्यक दवाइयां भी मोबाइल यूनिट में उपलब्ध रहेंगी। अधिकारियों के अनुसार इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ग्रामीणों को पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।
उद्घाटन के दौरान BDO ने कराया ब्लड शुगर टेस्ट
मोबाइल मेडिकल यूनिट के शुभारंभ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस दौरान BDO प्रमोद कुमार गुप्ता ने स्वयं अपना रैंडम ब्लड शुगर परीक्षण कराया और मोबाइल यूनिट में उपलब्ध स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का जायजा लिया।
बिशनपुर में पहले से संचालित है स्वास्थ्य केंद्र
पचवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस की R&R Colony, बिशनपुर में पहले से ही स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। यहां प्रतिदिन एक MBBS चिकित्सक और दो नर्सें उपलब्ध रहती हैं। अब मोबाइल मेडिकल यूनिट के संचालन से परियोजना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा।
इस पहल से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक चिकित्सा, आवश्यक जांच और दवाइयों की सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Desk Report By in Tv








