पाकुड़ (Pakur) झारखण्ड के पाकुड़ जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को लेकर प्रशासन ने निगरानी और सख्ती तेज कर दी है। उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज के निर्देश पर सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ की अध्यक्षता में गठित जांच दल ने कई स्वास्थ्य संस्थानों में अचानक दस्तक दी। औचक निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्रों की व्यवस्थाओं से लेकर जरूरी दस्तावेजों तक की बारीकी से जांच की गई।
जांच टीम ने राहत नर्सिंग होम, लक्ष्मी नर्सिंग होम और चाँदपुर नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। टीम ने संस्थानों में संचालित USG कक्ष, पृथक शौचालय, प्रतीक्षालय और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किया।
इतना ही नहीं, PCPNDT अधिनियम के तहत अनिवार्य दस्तावेजों और अभिलेखों को भी खंगाला गया। जांच दल ने यह भी देखा कि संबंधित संस्थानों में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान आवश्यकतानुसार संबंधित संस्थानों को नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर PCPNDT अधिनियम और Clinical Establishment Act के प्रावधानों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस औचक निरीक्षण के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों में हलचल तेज है। साफ संदेश है—रिकॉर्ड हो या व्यवस्था, नियमों से समझौता अब नहीं चलेगा।
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