पटना (PATNA): बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एक बार फिर अपनी तेज और व्यवस्थित परीक्षा प्रणाली का लोहा मनवाते हुए मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम रिकॉर्ड समय में जारी कर दिया है। इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन शुरू होने के महज 28 दिनों के भीतर रिजल्ट घोषित कर नया इतिहास रच दिया है। इससे पहले वर्ष 2025 में यह समय 29 दिन था।
28 दिनों में रिजल्ट जारी, अब तक का सबसे तेज
लगातार 5वीं बार मार्च में परिणाम घोषित
कुल पास प्रतिशत 81.79%
बारकोड, OMR और कंप्यूटरीकृत मूल्यांकन का इस्तेमाल)
नकल रोकने के लिए 10 सेट में प्रश्नपत्र तैयार
मार्च में रिजल्ट: बिहार मॉडल बना उदाहरण
बिहार बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड बन गया है, जो इंटर और मैट्रिक दोनों परीक्षाओं के परिणाम मार्च में ही जारी करता है। वर्ष 2022 से शुरू हुई यह परंपरा अब लगातार पांचवें साल भी कायम रही है, जिससे बोर्ड की कार्यकुशलता साफ झलकती है।
टेक्नोलॉजी से बदली परीक्षा की तस्वीर
इस साल परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों को अपनाया गया—
उत्तर पुस्तिकाओं में बारकोड और लिथोकोड सिस्टम
फोटोयुक्त उत्तर पुस्तिका और प्री-प्रिंटेड OMR शीट
मूल्यांकन केंद्रों से सीधे डिजिटल मार्क्स एंट्री
नकल पर लगाम के लिए मल्टीपल सेट प्रश्नपत्र
इन सुधारों के चलते न सिर्फ समय की बचत हुई, बल्कि रिजल्ट की विश्वसनीयता भी बढ़ी।
परिणाम में सुधार, छात्रों का बेहतर प्रदर्शन
इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में 81.79% छात्र सफल हुए हैं। यह दर्शाता है कि बेहतर प्रबंधन और तकनीकी सुधारों का सकारात्मक असर छात्रों के प्रदर्शन पर भी पड़ा है।
देश में सबसे तेज बोर्ड बनने की ओर बिहार
लगातार रिकॉर्ड समय में परिणाम जारी कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने यह साबित कर दिया है कि वह देश के सबसे तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा बोर्डों में अग्रणी है।
🔔 निष्कर्ष
तेज रफ्तार, मजबूत तकनीक और पारदर्शी प्रक्रिया—इन तीन स्तंभों पर खड़ा बिहार बोर्ड आज पूरे देश के लिए एक मॉडल एजुकेशन सिस्टम बनता जा रहा है।
छात्र अपने रिजल्ट को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
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