पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ जिले में मलेरिया, फाइलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सक्रिय रोगी खोज अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं ने भाग लिया।
बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि बुखार रोगियों की खोज एवं रिपोर्टिंग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो रही है। इस पर सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को घर-घर बुखार सर्वे, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और त्वरित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय पर मरीजों की पहचान ही वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम की सबसे प्रभावी रणनीति है।
बैठक में पात्र लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट के शत-प्रतिशत वितरण, समय पर रिपोर्टिंग, अभिलेखों के अद्यतन तथा कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी पर भी जोर दिया गया। बदलते मौसम को देखते हुए मलेरिया के संभावित मामलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने विशेष रूप से लिट्टीपाड़ा एवं अमड़ापाड़ा स्वास्थ्य केंद्रों को सघन रोगी खोज अभियान चलाने, संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच, उपचार और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने, रोग निगरानी प्रणाली को मजबूत करने, हाइड्रोसील ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने तथा सभी स्वास्थ्य कर्मियों के बेहतर समन्वय के साथ वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का संकल्प लिया गया।
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