वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

मसलिया में कृषक गोष्ठी: प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और धान की सीधी बुआई तकनीक पर किसानों को किया गया जागरूक

दुमका (Dumka): झारखण्ड के दुमका जिले मे लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में सोमवार को मसलिया प्रखंड मुख्यालय स्थित एटिक भवन में “खेत बचाओ एवं संतुलित उर्वरकों का प्रयोग” विषय पर एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों, कृषक मित्रों, बीटीएम एवं एटीएम ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, मिट्टी की सेहत बनाए रखने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के महत्व से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, जिससे उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ता है। इसलिए जैव उर्वरकों और आधुनिक विकल्पों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग से होने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को बताया गया कि इन उर्वरकों के प्रयोग से लागत में कमी आने के साथ-साथ फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार होता है।
धान की सीधी बुआई (डीएसआर) तकनीक गोष्ठी का प्रमुख आकर्षण रही। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इस तकनीक से खेती करने पर श्रम और पानी दोनों की बचत होती है, लागत कम आती है तथा किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है। किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बीटीएम श्याम सुंदर सिंह ने की। इस अवसर पर एटीएम मिथलेश कुसुम, उद्यान मित्र बैद्यनाथ मिस्त्री सहित कई कृषि कर्मी, कृषक मित्र एवं किसान उपस्थित रहे। गोष्ठी के अंत में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।

Report By मौशम कुमार गुप्ता 

In Tv
Author: In Tv

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें