दुमका (Dumka): झारखण्ड के दुमका जिले के मसलिया प्रखंड के गोलबंधा पंचायत अंतर्गत गोलपुर गांव में राज्यसभा सांसद निधि से निर्मित पुलिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। सोमवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि निर्माण पूरा होते ही पुलिया में दरारें पड़ने लगी हैं और वह धंसने की स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 20 वर्ष पुरानी जर्जर पुलिया की जगह राज्यसभा सांसद निधि से लगभग तीन लाख रुपये की लागत से नई पुलिया का निर्माण कराया गया, लेकिन नई पुलिया पहले की तुलना में अधिक संकरी बना दी गई। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे पहली ही तेज बारिश में पुलिया के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीण इन्द्रियास हेंब्रम, मुरारी राय, जोगणिया हेंब्रम, ज्योतिष हेंब्रम और अकलू राय ने बताया कि इसी पुलिया से गोलपुर के दोनों पहाड़ों और पूरे बहियार का बरसाती पानी गुजरता है। ऐसे में यदि पुलिया टूटती है तो गांव के करीब 665 परिवारों की लगभग 3,500 आबादी प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने इस स्थान पर छोटी पुलिया के बजाय चौड़े और मजबूत पुल के निर्माण की मांग की है।
मिलू मुर्मू, लनिनी मुर्मू, जिरिया देवी, कारनेला पांवरिया और नीला मरांडी सहित कई ग्रामीणों ने विभाग से निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की।
ग्राम प्रधान आईनेस किस्कु ने भी माना कि पुलिया निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि बरसात में यहां पानी का बहाव काफी तेज रहता है, इसलिए पुलिया मजबूत और टिकाऊ होनी चाहिए।
हालांकि, इस मामले में कनीय अभियंता राकेश वर्मा का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
👉 ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विभागीय जांच के बाद ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Report by मौशम कुमार गुप्ता








