दुमका (Dumka) : भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही झारखण्ड के दुमका जिले के रामगढ़ बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मुख्य बाजार से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक राखियों की दुकानें रंग-बिरंगी राखियों से सज गई हैं। पर्व को लेकर बाजारों में दिनभर चहल-पहल देखने को मिल रही है।
बहनें अपने भाइयों की पसंद को ध्यान में रखते हुए राखियों की खरीदारी में जुटी हैं। वहीं, राखी के साथ मिठाई, कपड़े और उपहारों की खरीदारी भी तेज हो गई है।
कई वैरायटी की राखियां उपलब्ध
बाजार में बच्चों से लेकर युवाओं तक की पसंद को ध्यान में रखते हुए राखियों की कई आकर्षक वैरायटी उपलब्ध हैं। पारंपरिक धागे वाली राखियों के अलावा मोतियों, रुद्राक्ष, नग, चमकीले स्टोन, कार्टून पात्रों तथा विभिन्न सजावटी डिजाइनों वाली राखियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। दुकानदारों ने भी त्योहार को देखते हुए अलग-अलग डिजाइन और कीमतों की राखियां सजाकर रखी हैं।
खरीदारी को लेकर बहनों में खासा उत्साह
राखी खरीदने बाजार पहुंच रहीं बहनों में पर्व को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। बहनें अलग-अलग दुकानों पर पहुंचकर राखियों के डिजाइन और कीमतों की जानकारी ले रही हैं तथा अपने भाइयों के लिए पसंदीदा राखी का चयन कर रही हैं। कई बहनें राखी के साथ भाइयों के लिए आकर्षक उपहार भी खरीद रही हैं। बाजार में कपड़े, घड़ी, पर्स, कॉस्मेटिक सामान और अन्य उपहार सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है।
*मिठाई और पूजन सामग्री की भी बढ़ी मांग*
रक्षाबंधन के अवसर पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के बाद बहनें उन्हें मिठाई खिलाकर सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करेंगी। इसे लेकर मिठाई दुकानों पर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजार में विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के साथ पूजन सामग्री की मांग बढ़ने लगी है। घरों में भी पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। महिलाएं पूड़ी, खीर, मिठाई समेत विभिन्न पारंपरिक पकवान बनाने की तैयारी में जुटी हैं।
भद्रा काल को लेकर भी बनी रही चर्चा
पंडित आनंद मिश्र ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। वहीं, भद्रा काल 27 अगस्त की सुबह 9 बजकर 9 मिनट से रात 9 बजकर 25 मिनट तक बताया गया है। ऐसे में 28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। इससे बहनें शुभ समय में भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
चंद्र ग्रहण का भारत में नहीं पड़ेगा प्रभाव
पंडित आनंद मिश्र ने कहा कि 28 अगस्त को वर्ष का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। भारतीय समय के अनुसार यह सुबह 6 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन पर्व पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बहनें निर्धारित शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी।
राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला और सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक बताया गया है। शुभ मुहूर्त को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। रामगढ़ में बाजारों की बढ़ती रौनक और खरीदारी को लेकर लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा है कि इस बार भी रक्षाबंधन का पर्व पूरे उल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
Report By मौसम कुमार गुप्ता








