निरीक्षण में सामने आई स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर, मेडिकल कॉलेज से लेकर सदर अस्पताल तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा
दुमका (Dumka): झारखण्ड के दुमका जिले मे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। उपायुक्त के निर्देश के बावजूद सदर अस्पताल में OPD व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आने का दावा सिविल सोसायटी दुमका ने किया है। संस्था का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों और सहायक कर्मियों की कमी के कारण आम मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधा मिलने में परेशानी हो सकती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सिविल सोसायटी दुमका के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दिग्घी और सदर अस्पताल दुमका का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, सचिव संदीप कुमार जय बमबम, वरीय सदस्य विजय कुमार सोनी और भवानी शंकर प्रसाद शामिल थे।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से हुई सीधी बातचीत
फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दिग्घी पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य गजेंद्र कुमार सिंह और अधीक्षक रूबेन हेम्ब्रम से मुलाकात की। इस दौरान अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक मरीजों की आसान पहुंच के लिए मुख्य सड़क से अस्पताल के प्रवेश द्वार तक पहुंच पथ का निर्माण बेहद जरूरी है। उपायुक्त के निरीक्षण के दौरान इस दिशा में दिए गए निर्देशों का भी प्रतिनिधिमंडल ने उल्लेख किया।
सदर अस्पताल में OPD को लेकर सबसे बड़ा सवाल
सिविल सोसायटी के निरीक्षण में सदर अस्पताल की OPD व्यवस्था प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई। संस्था के अनुसार, पिछले कई दिनों से OPD सेवा प्रभावित थी। उपायुक्त द्वारा OPD प्रारंभ करने का निर्देश दिए जाने के बाद व्यवस्था शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई, लेकिन संस्था का दावा है कि वर्तमान व्यवस्था मरीजों की जरूरत के अनुरूप पर्याप्त नहीं है।
सिविल सोसायटी के मुताबिक, ड्यूटी में चिकित्सकों की संख्या सीमित है और प्रसव विभाग में भी चिकित्सकीय व्यवस्था सीमित बताई गई। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सदर अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुरूप डॉक्टर और सहायक कर्मी उपलब्ध नहीं होंगे, तो बढ़ते मरीजों का इलाज सुचारू रूप से कैसे सुनिश्चित होगा?
संस्था ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के दौरान शुरुआती परेशानियां स्वाभाविक हैं, लेकिन सरकारी अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुरूप चिकित्सक एवं आवश्यक सहायक कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन और सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नुक्कड़ सभा स्थगित, अब सरकार तक पहुंचेगी आवाज
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रस्तावित नुक्कड़ सभा को सिविल सोसायटी ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। संस्था ने टकराव की बजाय पत्राचार के माध्यम से समाधान की पहल करने का निर्णय लिया है।
सिविल सोसायटी अब जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग करेगी कि सदर अस्पताल और फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकों एवं सहायक कर्मियों की कमी को जल्द दूर किया जाए, ताकि दुमका और आसपास के क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
अब देखना होगा कि सिविल सोसायटी की इस पहल के बाद सदर अस्पताल की OPD व्यवस्था और चिकित्सकों की कमी को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
Repory by मौसम गुप्ता








