दुमका (DUMKA): झारखण्ड के दुमका जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया है। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को योजनाओं का लाभ जल्द मिल सके।
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधूरे आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों और कार्य एजेंसियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर हैंडओवर प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन को नियमानुसार एम्बुलेंस खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने DMFT मद से विद्यालयों में बाउंड्री निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। साथ ही जिन स्कूलों में बाउंड्री नहीं है, उनकी सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि भविष्य की कार्ययोजना बनाई जा सके।
बैठक में स्कूलों में पेयजल संकट को भी गंभीरता से लिया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार बोरिंग कराने और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 
उपायुक्त ने कहा कि DMFT की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्य एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Report By मौसम गुप्ता








