वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

होली के शुभअवसर पर खाश कविता आप सभी पाठको के लिए जरूर पढ़े और शेयर करें

Happy Happy Happy Holi…….

  • फूलों ने होली फूलों से खेली

लाल गुलाबी पीत-परागी
रंगों की रँगरेली पेली

काम्य कपोली कुंज किलोली
अंगों की अठखेली ठेली

मत्त मतंगी मोद मृदंगी
प्राकृत कंठ कुलेली रेली

  • साजन! होली आई है!
    सुख से हँसना
    जी भर गाना
    मस्ती से मन को बहलाना
    पर्व हो गया आज-
    साजन! होली आई है!
    हँसाने हमको आई है!

साजन! होली आई है!
इसी बहाने
क्षण भर गा लें
दुखमय जीवन को बहला लें
ले मस्ती की आग-
साजन! होली आई है!
जलाने जग को आई है!

  • हाँ इधर को भी ऐ गुंचादहन पिचकारी
    देखें कैसी है तेरी रंगबिरंग पिचकारी

तेरी पिचकारी की तक़दीद में ऐ गुल हर सुबह
साथ ले निकले है सूरज की किरण पिचकारी

जिस पे हो रंग फिशाँ उसको बना देती है
सर से ले पाँव तलक रश्के चमन पिचकारी

बात कुछ बस की नहीं वर्ना तेरे हाथों में
अभी आ बैठें यहीं बनकर हम तंग पिचकारी

हो न हो दिल ही किसी आशिके शैदा का ‘नज़ीर’
पहुँचा है हाथ में उसके बनकर पिचकारी

आप सभी को in tv की तरफ से होली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनायें व बधाई

Channel Head / शमशेर अहमद 7870221220

In Tv
Author: In Tv

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें