पाकुड़ (Pakur) : झारखंड के पाकुड़ जिले में मालीपाड़ा की बंद खदान से मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, सुनियोजित हत्या की इस वारदात का महज 24 घंटे के भीतर उद्भेदन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में संपत्ति के लालच में हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने कथित तौर पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लोहे का हथौड़ा, खून लगे कपड़े और अन्य साक्ष्यों के साथ दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं।
खदान में शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस ने गठित की SIT
13 अक्टूबर 2026 को पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के मालीपाड़ा स्थित एक बंद खदान से अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। इस संबंध में पाकुड़ नगर थाना कांड संख्या 236/2026 दर्ज किया गया।
मामले के त्वरित उद्भेदन और मृतक की पहचान के लिए पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
अज्ञात शव की हुई पहचान, मृतक निकला मंटू दास
लगातार अनुसंधान के बाद पुलिस ने शव की पहचान मंटू दास, पिता छत्तीस दास, मूल निवासी धोबना, जिला दुमका, वर्तमान निवासी धनुषपूजा, बस स्टैंड के पीछे, पाकुड़ नगर के रूप में की।
मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
संपत्ति पर कब्जे के कथित लालच में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि मृतक मंटू दास अपने साले साबीर सोरेन की देखभाल करते थे। साबीर सोरेन पाकुड़ के पशुपालन विभाग में कार्यरत हैं और आरोपी आलोक मुर्मू के घर में किराये पर रहते हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर साबीर सोरेन के वेतन और भविष्य में उनकी संपत्ति पर कब्जा करने के इरादे से मंटू दास की हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि, इस कथित साजिश से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
कुल्हाड़ी और हथौड़े से हत्या का आरोप, शव को खदान में फेंका
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी और लोहे के हथौड़े से मंटू दास की हत्या की। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को रस्सी से मृतक की मोटरसाइकिल के साथ बांधकर मालीपाड़ा स्थित बंद खदान के पानी में फेंक दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खदान के पानी से मृतक की पल्सर मोटरसाइकिल संख्या JH04V4094 बरामद की। इसके अलावा, घटना में कथित रूप से इस्तेमाल की गई पल्सर 220 मोटरसाइकिल संख्या JH16K5241 भी बरामद की गई है। 
हत्या के मामले में क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित सामान बरामद करने की जानकारी दी है:
- हत्या में कथित तौर पर प्रयुक्त कुल्हाड़ी।
- लोहे का हथौड़ा।
- मृतक को बांधने में इस्तेमाल पटुआ की रस्सी।
- रस्सी काटने के लिए इस्तेमाल की गई खाट।
- खून लगा झोला।
- खून लगे कपड़े।
- मृतक की पल्सर मोटरसाइकिल।
- घटना में कथित तौर पर प्रयुक्त पल्सर 220 मोटरसाइकिल।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
1. आलोक मुर्मू — पिता स्वर्गीय मनोज मुर्मू, मूल निवासी सिमलोती, थाना शिकारीपाड़ा, जिला दुमका; वर्तमान पता धनुषपूजा, पाकुड़।
2. प्रीतम हेम्ब्रम — पिता प्रशांत हेम्ब्रम, निवासी धनुषपूजा, पानी टंकी के पास, पाकुड़।
3. प्रिन्स हेम्ब्रम — पिता प्रशांत हेम्ब्रम, निवासी धनुषपूजा, पानी टंकी के पास, पाकुड़।
SDPO के नेतृत्व में SIT की कार्रवाई
मामले के उद्भेदन के लिए गठित विशेष टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव ने किया। टीम में नगर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक जॉन मुर्मू, पुलिस अवर निरीक्षक सन्नी सुप्रभात, अभिषेक कुमार, अनन्त साह, मिथुन रजक, सुबल कुमार दे, तकनीकी शाखा के अरविन्द कुमार राय, आरक्षी सूरज मुर्मू तथा नगर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
निष्कर्ष: मालीपाड़ा की बंद खदान से शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच में पाकुड़ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और महत्वपूर्ण साक्ष्यों की बरामदगी की जानकारी दी है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों और साक्ष्यों की जांच होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट IN TV







