पाकुड़ (Pakur) : झारखण्ड के पाकुड़ जिले मे उत्क्रमित विद्यालय रामचन्द्रपुर में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच और चुनाव रद्द कर पुनः चुनाव कराने की मांग की है।
बताया गया कि 12 सितंबर 2026 को SMC अध्यक्ष पद के लिए गुप्त मतदान कराया गया। चुनाव में सामसुद्दीन शेख को 150 मत, जबकि मोसाराफ हुसैन को 128 मत मिलने की बात सामने आई है। यानी कुल 278 मत पड़े।
लेकिन विवाद की सबसे बड़ी वजह अभिभावकों की संख्या को लेकर उठाया गया सवाल है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 11 सितंबर को प्रभारी प्रधान शिक्षक की ओर से उपलब्ध कराई गई अभिभावक सूची में कुल 266 नाम दर्ज थे। ऐसे में 266 अभिभावकों की सूची के मुकाबले 278 वोट पड़ने का दावा चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सूची से बाहर नामों के मतदान का भी आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय के कुछ सहायक अध्यापकों के रिश्तेदारों के नाम कथित तौर पर अभिभावक सूची में शामिल नहीं थे, बावजूद इसके उन्हें मतदान करने दिया गया।
शिकायतकर्ता ने सहायक अध्यापक मो. असराफुल हक के पुत्र मिलटन एवं मासुद तथा सहायक अध्यापक मो. ताहिर आलम के भाई बादरुल हक एवं साइद्दुर रहमान के मतदान करने का भी दावा किया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों का पक्ष इस संबंध में सामने आना बाकी है।
मतदान से पहले पर्चियों पर हस्ताक्षर कराने का दावा
मामले में मतदान प्रक्रिया को लेकर एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मतदान शुरू होने से पहले करीब 30 से 35 पर्चियों पर हस्ताक्षर और मुहर कराकर एक पक्ष को उपलब्ध कराया गया था, जिन्हें बाद में मतपेटी में डाले जाने की बात कही गई।
यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक और डीसी से जांच की मांग
मामले को लेकर पाकुड़ विधानसभा की विधायक एवं उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर पूरे चुनाव की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने चुनाव को रद्द कर SMC अध्यक्ष पद के लिए पुनः चुनाव कराने की मांग भी उठाई है।
अब सवाल यह है कि जब उपलब्ध कराई गई सूची में 266 अभिभावकों के नाम बताए जा रहे हैं, तो 278 मत कैसे पड़े? क्या सूची के अतिरिक्त लोगों को मतदान की अनुमति दी गई थी, या मतदाताओं की संख्या से जुड़ा कोई अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल पूरा मामला शिकायत और आरोपों के आधार पर जांच के दायरे में है। शिक्षा विभाग एवं प्रशासन की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट से ही यह साफ होगा कि SMC चुनाव में वास्तव में अनियमितता हुई थी या नहीं।
Desk Report by in TV








