कार्रवाई के बाद लोगों में चर्चा तेज, क्या लॉटरी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचेगी पुलिस की जांच?
पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ मे अवैध लॉटरी के खिलाफ नगर थाना क्षेत्र के तलवाडांगा में हुई पुलिस की कार्रवाई में 1900 टिकटों के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर चर्चा है, वहीं दूसरी ओर इलाके में एक सवाल भी तेजी से उठ रहा है—क्या कार्रवाई सिर्फ टिकट बेचने वाले स्तर तक सीमित रहेगी या अवैध लॉटरी के कथित बड़े नेटवर्क तक भी पुलिस पहुंचेगी?
पुलिस के अनुसार, तलवाडांगा में छापेमारी के दौरान DEAR GANGA-5, DEAR GOOSE-3 और DEAR VULTURE-5 के कुल 1900 टिकट बरामद किए गए हैं। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ वर्ष 2023 में भी लॉटरी से संबंधित मामला दर्ज था।
कार्रवाई पर सवाल नहीं, कार्रवाई की दिशा पर नजर
स्थानीय लोगों के बीच अब चर्चा इस बात को लेकर है कि लॉटरी टिकट आखिर पहुंचते कहां से हैं, इसकी सप्लाई कौन करता है और इसके पीछे आर्थिक रूप से बड़े खिलाड़ी कौन हैं?
लोगों का सवाल है कि यदि अवैध लॉटरी का कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा है, तो केवल टिकट रखने या बेचने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाकर सप्लायर, वितरक और कथित नेटवर्क के संचालकों तक पहुंचना भी जरूरी है।
‘छोटी मछली’ बनाम ‘बड़ी मछली’ की चर्चा
पाकुड़ में इस कार्रवाई के बाद आम लोगों के बीच ‘छोटी मछली पकड़ी गई, बड़ी मछली कब पकड़ेगी?’ जैसी चर्चा सुनने को मिल रही है। हालांकि, यह स्थानीय स्तर पर उठ रही चर्चा और सवाल हैं; पुलिस की ओर से किसी बड़े नेटवर्क या किसी अन्य व्यक्ति को लेकर इस मामले में अभी कोई आधिकारिक आरोप सामने नहीं आया है।
अब निगाहें पुलिस की आगे की जांच पर हैं। क्या बरामद 1900 टिकटों की सप्लाई चेन खंगाली जाएगी? क्या मोबाइल से जुड़े डेटा की जांच होगी? और क्या पुलिस उस कथित नेटवर्क तक पहुंचेगी जहां से लॉटरी का कारोबार संचालित होने की आशंका है?
इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएंगे।
Desk Report By in TV








