रांची(Ranchi): झारखण्ड के पाकुड़ जिले के महेशपुर मे देश की आन-बान-शान और करोड़ों भारतीयों के गौरव का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अगर स्वतंत्रता दिवस के दो दिन बाद तक किसी विद्यालय परिसर में फहरता मिले, तो सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही एक गंभीर मामला महेशपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय ईच्छानगर से सामने आया है।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज 17 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे तक विद्यालय परिसर में फहरता दिखाई दिया। यानी स्वतंत्रता दिवस बीत गया, दो दिन गुजर गए, लेकिन विद्यालय प्रबंधन को तिरंगा उतारने की सुध तक नहीं आई।
तिरंगे के सम्मान में इतनी बड़ी चूक कैसे?
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसकी गरिमा को लेकर स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। ऐसे में विद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान में, जहां बच्चों को देशभक्ति और संविधान का पाठ पढ़ाया जाता है, वहां राष्ट्रीय ध्वज को निर्धारित समय पर नहीं उतारना गंभीर लापरवाही के सवाल खड़े करता है।
आरोप है कि विद्यालय के प्रधान शिक्षक और अन्य शिक्षक विद्यालय की देखरेख में मौजूद रहे, बावजूद इसके 15 अगस्त को फहराया गया तिरंगा 17 अगस्त की सुबह तक लहराता रहा।
प्रधान शिक्षक समेत शिक्षकों की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 15 अगस्त की शाम से 17 अगस्त की सुबह तक विद्यालय प्रबंधन कहां था?
क्या किसी शिक्षक की नजर विद्यालय परिसर में फहराते तिरंगे पर नहीं पड़ी?
क्या राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों की जानकारी विद्यालय के जिम्मेदार शिक्षकों को नहीं है?
यह महज एक झंडा उतारने में हुई देरी का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान और विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है।
जांच हुई तो तय हो सकती है जिम्मेदारी
मामले को लेकर अब संबंधित शिक्षा विभाग से जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार प्रधान शिक्षक एवं संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
क्योंकि जिस तिरंगे को सलामी देकर हम देश के गौरव का सम्मान करते हैं, उसी तिरंगे को लेकर विद्यालय में इतनी बड़ी लापरवाही सवालों के घेरे में है।
अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेता है या फिर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा यह मामला भी महज खानापूर्ति की कार्रवाई तक सिमटकर रह जाएगा।
बड़ा सवाल
15 अगस्त को फहराया गया तिरंगा 17 अगस्त सुबह 7 बजे तक क्यों फहरता रहा?
कौन है इस लापरवाही का जिम्मेदार?
क्या प्रधान शिक्षक और अन्य शिक्षकों पर होगी कार्रवाई?
Desk Report by in TV








