पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ जिले मे सरकारी विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़े पाकुड़ जिले के संवेदकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर लघु खनिजों के चालान जमा करने के नियम में छूट या शिथिलता देने की मांग की है।
संवेदकों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत बिल भुगतान के लिए मिट्टी, डस्ट, बालू, पत्थर डस्ट और ईंट जैसी निर्माण सामग्रियों का चालान जमा करना अनिवार्य है। लेकिन स्थानीय बाजार में इन सामग्रियों के चालान उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि चालान उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित बिलों का भुगतान रुका हुआ है और संवेदकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई सरकारी विकास योजनाओं की रफ्तार भी धीमी हो गई है।
संवेदकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि निर्माण कार्यों में उपयोग की जा रही सभी सामग्रियां स्थानीय स्तर से ही खरीदी जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि मिट्टी, डस्ट और ईंट जैसी मूलभूत निर्माण सामग्रियों के लिए चालान जमा करने की अनिवार्यता में छूट या शिथिलता दी जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और लंबित भुगतान भी जल्द हो सके।
Desk Report by in Tv








