पाकुड़ (Pakur): झारखण्ड के पाकुड़ जिले में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जन समाधान दिवस में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों की शिकायतें सीधे सुनीं और संबंधित अधिकारियों को हर आवेदन पर निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
जन समाधान दिवस में शिक्षा, निर्माण, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई अहम आवेदन पहुंचे। इनमें एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की चयन प्रक्रिया पर पुनर्विचार, विद्यालय की चारदीवारी निर्माण की बकाया राशि का भुगतान, हथियारबंद लोगों द्वारा घर में घुसकर तोड़फोड़ एवं लूटपाट की शिकायत, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) जारी कराने सहित कई जनहित के मामले प्रमुख रहे।
उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर आवेदन की तथ्यपरक जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या अनावश्यक विलंब बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डीसी मेघा भारद्वाज ने कहा कि जन समाधान दिवस केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की प्रभावी पहल है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि हर पात्र नागरिक को बिना भटकाव के समय पर न्याय, सरकारी योजनाओं का लाभ और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जनता की आवाज़ सीधे प्रशासन तक… और समाधान भी तय समय में— यही है जन समाधान दिवस की सबसे बड़ी पहचान।
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