दुमका (Dumka): झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने दुमका समाहरणालय सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि जलापूर्ति योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने और सभी योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर क्रियाशील बनाने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में दुमका, देवघर, पाकुड़ और जामताड़ा जिलों में चल रही पेयजल योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और निर्माण के बाद भी बंद पड़ी जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल चालू करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान मंत्री ने गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संयंत्रों को जल्द शुरू करने और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिक से अधिक गांवों को ODF Plus (5 स्टार) श्रेणी में शामिल करने तथा प्रस्तावित गांवों के सत्यापन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति 38.9 प्रतिशत जबकि तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति 91.78 प्रतिशत है। इस पर मंत्री ने ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण जल्द पूरा करने और ग्राम स्तर पर सभी परिसंपत्तियों को पूरी तरह क्रियाशील रखने के निर्देश दिए।
मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिन संवेदकों ने वर्क ऑर्डर मिलने के बावजूद समय पर काम पूरा नहीं किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। 
बैठक में विधायक उदय शंकर सिंह, विधायक देवेंद्र कुंवर, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अभियान निदेशक रंजीता हेम्ब्रम, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान सहित चारों जिलों के कार्यपालक अभियंता और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
Report By मौशम कुमार गुप्ता








