दुमका (Dumka): झारखण्ड के दुमका जिले के मसलिया थाना क्षेत्र के पाटनपुर गांव में शनिवार को फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने पहुंचे दो युवकों को ग्रामीणों की सतर्कता और मसलिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई से रंगे हाथ पकड़ लिया गया। ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को भागने से रोकने के लिए बिजली के खंभे से बांध दिया, जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाना ले गई।
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक चारपहिया वाहन से गांव पहुंचे और खुद को देवघर जिले के सारठ थाना की पुलिस बताकर विधवा महिला सीमा गोंराई के घर पहुंचे। उस समय घर पर मौजूद उनके बेटे निरंजन गोंराई से उन्होंने सीमा गोंराई को बुलाने को कहा और पुलिसकर्मी होने का दावा करते हुए पूछताछ शुरू कर दी।
निरंजन गोंराई को दोनों की गतिविधियों पर संदेह हुआ, क्योंकि कुछ महीने पहले भी नकली पुलिस बनकर बदमाशों ने उनके घर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। शक होने पर उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया। कैमरा देखते ही दोनों युवक पुलिसिया रौब दिखाने लगे, जिससे संदेह और गहरा गया।
निरंजन ने तत्काल गुप्त रूप से मसलिया थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश रंजन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया और बिजली के खंभे से बांधकर रखा था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने पूछताछ के लिए सीमा गोंराई को भी थाना बुलाया है ताकि पूरे घटनाक्रम की वस्तुस्थिति स्पष्ट की जा सके।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
Report by मौशम कुमार गुप्ता








