दुमका (Dumka): झारखण्ड के दुमका–नाला मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को एक पल में खुशियों का सफर चीख-पुकार में बदल गया। जामा थाना क्षेत्र के पन्दनपहाड़ी के समीप यात्रियों से भरा एक टेम्पू सड़क पर अचानक आए बैल को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि टेम्पू में सवार महिलाओं की चीखें सुन आसपास के लोग दौड़ पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने सामने आए बैल को टक्कर से बचाने के लिए तत्काल वाहन मोड़ा, लेकिन तेज झटके के साथ टेम्पू का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया। चालक तो सुरक्षित बच निकला, लेकिन टेम्पू में सवार चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सूचना मिलते ही जामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर तत्काल फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में चारों का इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सभी महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सक लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
घायलों की पहचान मसलिया थाना क्षेत्र के मनोहरचक गांव निवासी मिरु सोरेन (50), सुंदरी मरांडी (45), चीनी मरांडी (45) तथा बेहराबांक गांव निवासी पकलू मुर्मू (45) के रूप में हुई है। सभी के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
हादसे के कारण कुछ समय के लिए दुमका–नाला मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त टेम्पू को हटवाकर आवागमन बहाल कराया और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि दुमका–नाला मुख्य मार्ग पर आवारा मवेशियों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि लापरवाही की कीमत लोगों को अपनी जान और जिंदगी से न चुकानी पड़े।
Report by मौशम कुमार गुप्ता








