अल्पसंख्यक अधिकार सम्मेलन में हाजी इम्तियाज ओहदार सहित 10 सामाजिक हस्तियां सम्मानित
रांची (Ranchi): झारखण्ड के रांची मे ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस उलेमा, झारखंड के तत्वावधान में रविवार को रांची के मेन रोड स्थित होटल सरताज में ‘अल्पसंख्यक अधिकार मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में राज्य के विभिन्न जिलों से सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार, शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक न्याय तथा विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड लोकतान्त्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो मौजूद थे। जयराम महतो ने कहा कि समारोह के दौरान उन्हें जो ज्ञापन सौंपा गया है, उसमें उठाए गए सभी मुद्दों को वे झारखंड विधानसभा में पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े सवालों को सदन में प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। समारोह की अध्यक्षता ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस उलेमा, झारखंड के केंद्रीय अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी ने की, जबकि मंच का सफल संचालन युवा सामाजिक कार्यकर्ता सरफराज अहमद सड्डू ने किया। अपने संबोधन में मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी ने कहा कि झारखंड का अल्पसंख्यक समाज आज भी शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली अंसारी ने कहा कि सरकार ने कुछ क्षेत्रों में कार्य अवश्य किए हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने मदरसा बोर्ड की स्थिति तथा बुनकर समुदाय की समस्याओं को गंभीर बताते हुए सरकार से ठोस पहल करने की मांग की। समारोह को संबोधित करते हुए नदीम खान ने स्लम बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दो-दो मंत्री होने के बावजूद गरीब बस्तियों में दाल-भात योजना और जन औषधि केंद्र जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही हैं।
ईरबा मरकजी अंजुमन सोसाइटी अध्यक्ष हाजी इम्तियाज ओहदार ने कहा कि समझ नहीं आता यह हमारी सरकार है भी या नहीं, क्योंकि हमारे अपने ही प्रतिनिधि हमारा काम नहीं कर रहे हैं। समाज के निर्वाचित प्रतिनिधियों को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए, जबकि प्रो. हरविंदर वीर सिंह ने उर्दू अकादमी की तर्ज पर पंजाबी अकादमी के गठन की मांग रखी। इसके अलावा अजय सिंह, फिरोज खान, जय सिंह यादव, देवेंद्र नाथ महतो तथा मुफ्ती सईद ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक एकता एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता पर बल दिया।
विधायक जयराम महतो को सौंपा गया ज्ञापन
समारोह के दौरान झारखंड लोकतान्त्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम महतो को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल थीं—
– झारखंड में मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए।
– आलिम एवं फाजिल परीक्षाओं का संचालन रांची विश्वविद्यालय के माध्यम से कराया जाए तथा इन डिग्रियों को सरकारी मान्यता दी जाए।
– मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक न समझते हुए उनकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक, प्रशासनिक एवं नीतिगत स्तर पर सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
समाजसेवियों एवं संस्थाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत कारी जान मोहम्मद द्वारा कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई, जबकि कारी फैसल ने नात-ए-रसूल पेश कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डुमरी विधायक जयराम महतो ने समाज, शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 10 विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। इसी क्रम में ईरबा मरकजी अंजुमन सोसाइटी के अध्यक्ष इम्तियाज ओहदार को भी उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों ने इसे समाज सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूती से निभाने की प्रेरणा बताया।
कार्यक्रम में लोकतान्त्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) नेता देवेंद्रनाथ महतो आदिल ज़हीर, नाज़िया रशीद, योगेंद्र नाथ महतो, शम्सुद्दीन अंसारी, बाबर खान, तनवीर अहमद, आलोक सिंह ठाकुर, अशरफ हुसैन, जावेद अहमद खान, मोहम्मद नसीम सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
Report by मुजफ्फर हुसैन








