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ईरबा में पेयजल संकट पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद गंभीर, 7 धंसे बोरिंगों के पुनर्निर्माण का दिया निर्देश

रांची (Ranchi): पेयजल एवं स्वच्छता तथा मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रांची स्थित अपने आवास पर आमजन की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। इसी क्रम में ओरमांझी प्रखंड के ईरबा गांव में गहराए पेयजल संकट को लेकर पंचायत समिति सदस्य सलमा खातून ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर धंस चुके सात बोरिंगों के पुनर्निर्माण की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि ईरबा गांव की जलापूर्ति व्यवस्था मुख्य रूप से जलमीनार पर निर्भर है, लेकिन उससे जुड़े सात प्रमुख बोरिंग पूरी तरह धंस जाने के कारण जलापूर्ति ठप हो गई है। इसके चलते करीब 1500 परिवारों के सामने पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने और दैनिक उपयोग के पानी के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री के निर्देश के बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की टीम ईरबा गांव पहुंची और जलमीनार सहित धंस चुके बोरिंगों का स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
सलमा खातून ने मांग की कि धंस चुके सातों बोरिंगों के स्थान पर नए बोरिंग का निर्माण कर जलापूर्ति व्यवस्था को शीघ्र बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि सभी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े, यही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर ईरबा मरकजी अंजुमन सोसाइटी के अध्यक्ष एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य इम्तियाज ओहदार, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि तारिक ओहदार, समशेर, तौसीफ अंसारी, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि इमामुल अंसारी तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Report by मुजफ्फर हुसैन

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Author: In Tv

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