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Motihari मानव दिवस सृजन में पिछड़ा पूर्वी चंपारण, डीडीसी ने मनरेगा और WRD योजनाओं की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश

मोतिहारी (Motihari): जिला पूर्वी चंपारण के उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में डॉ. राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग (WRD) की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा के विभिन्न अवयवों, वृक्षारोपण योजनाओं, जल-जीवन-हरियाली अभियान तथा मनरेगा अभिसरण से संचालित WRD योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
बैठक में निदेशक एनईपी डॉ. कुंदन, डीपीओ मनरेगा, जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता तथा मनरेगा के अधिकारी उपस्थित रहे।

मानव दिवस सृजन पर जताई नाराजगी

समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले को मई 2026 तक 23.93 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक केवल 27 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल हो सका है। डीडीसी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले की प्रगति राज्य औसत से काफी कम है और इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों (PO) को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम 500 श्रमिकों की भागीदारी (Labour Engagement) सुनिश्चित की जाए। समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिले की 199 पंचायतों में मानव दिवस सृजन 200 से भी कम है।

वृक्षारोपण योजनाओं में 100% लेबर डिमांड का निर्देश

जिले में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कुल 14,470 वृक्षारोपण योजनाएं संचालित हैं। इनमें से केवल 46 प्रतिशत योजनाओं पर ही इस वित्तीय वर्ष में मानव दिवस सृजित किया गया है। डीडीसी ने सभी पीओ को जून माह के दौरान वृक्षारोपण की सभी योजनाओं पर शत-प्रतिशत लेबर डिमांड सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत मनरेगा के विभिन्न घटकों की समीक्षा में प्रगति संतोषजनक पाई गई, लेकिन पईन जीर्णोद्धार, सोख्ता निर्माण, निजी खेत-पोखरा निर्माण तथा छत वर्षा जल संचयन जैसी योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

WRD की 614 योजनाओं में धीमी प्रगति

बैठक में जल संसाधन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभाग की 614 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि अब तक केवल 465 योजनाओं की ही पोर्टल पर एंट्री की गई है और महज 44 योजनाओं पर कार्य शुरू हो पाया है।

इस पर डीडीसी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी 614 योजनाओं की शीघ्र पोर्टल एंट्री सुनिश्चित करें तथा जिन योजनाओं का जियो टैगिंग कार्य पूरा हो चुका है, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ कराया जाए।

👉डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि मनरेगा और जल संसाधन विभाग की योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया।

Desk Report By IN TV

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Author: In Tv

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