रांची (RANCHI): झारखंड की सियासत से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री Alamgir Alam को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। उनके निजी सचिव Sanjeev Lal को भी कोर्ट से बेल मिल गई है।
आलमगीर आलम की गिरफ्तारी उस वक्त पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई थी, जब ईडी की छापेमारी में करोड़ों रुपये नकद बरामद हुए थे। इस मामले को झारखंड के सबसे चर्चित टेंडर और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में गिना जाता है।
32 करोड़ कैश मिलने से मचा था सियासी भूचाल
6 मई 2024 को ईडी ने रांची समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान संजीव लाल के करीबी Jahangir Alam के घर से करीब 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। नोटों के पहाड़ जैसी तस्वीरों ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
ईडी को संजीव लाल के आवास से 10.50 लाख रुपये और सचिवालय कार्यालय से 2.30 लाख रुपये भी मिले थे। जांच के दौरान एक डायरी भी जब्त की गई थी, जिसमें कथित कमीशन लेन-देन का हिसाब दर्ज होने का दावा किया गया था।
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
15 मई 2024 को ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी टेंडर दिलाने के बदले कमीशन वसूली का संगठित नेटवर्क चलाया जा रहा था।
हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब शीर्ष अदालत से राहत मिलने के बाद उनके जल्द जेल से बाहर आने की संभावना है।
Desk Report By IN TV








