पाकुड़ जिले में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जनगणना का पहला चरण 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा।
स्व-गणना की सुविधा
उपायुक्त ने बताया कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए 01 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की व्यवस्था की गई है। इस अवधि में लोग https://se.census.gov.in� पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की।
34 बिंदुओं पर होगा डेटा संग्रह
मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणकों द्वारा 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मकान की संरचना (फर्श, दीवार, छत)
उपयोग (आवासीय/व्यावसायिक)
परिवार की संख्या व विवरण
पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई, ईंधन
मोबाइल, इंटरनेट, वाहन जैसी सुविधाएं
सामाजिक वर्ग, स्वामित्व, मुख्य अनाज आदि
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी केवल नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए उपयोग होगी।
प्रशासनिक क्या है तैयारी
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 07 चार्ज पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है और सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
📅 द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना)
दूसरे चरण में 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक वास्तविक जनसंख्या गणना की जाएगी।
सहयोग की अपील
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
उन्होंने क्या कहा:
“जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला है।
Desk Report by IN TV








