पाकुड़(PAKUR): जिले में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक आर्थिक दबाव नहीं डाला जाए।
अहम बैठक में लिए गए सख्त निर्णय
शुक्रवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं जिले के निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस और अन्य शुल्कों की विस्तृत समीक्षा की गई।
फीस वसूली पर स्पष्ट गाइडलाइन
उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि—
एनुअल चार्ज, एरियर और एडमिशन फीस के नाम पर अतिरिक्त वसूली नहीं की जाएगी
नए नामांकन में किसी भी प्रकार की अनुचित फीस वृद्धि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी
अभिभावकों पर किसी भी तरह का आर्थिक दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं होगा
शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई
उपायुक्त मनीष कुमार ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विद्यालय के विरुद्ध अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी फीस से संबंधित अनियमितता दिखाई देती है, तो वे:
जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करें
अथवा सीधे जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराएं
शुल्क निर्धारण समिति करेगी फैसला
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिले में गठित शुल्क निर्धारण समिति के माध्यम से ही विद्यालयों की फीस संरचना तय की जाएगी और सभी स्कूलों को उसी के अनुरूप कार्य करना होगा।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
“मनमाने तरीके से फीस वृद्धि किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जिला प्रशासन के इस सख्त रुख से यह साफ संकेत मिला है कि अब शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण नहीं होने दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।
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