दुनिया में मचा हड़कंप—IRGC के दावे पर उठे सवाल, एक्सपर्ट बोले: सच्चाई अभी अस्पष्ट
नई दिल्ली :मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने अपने एक “सीक्रेट हथियार” के जरिए दुनिया के सबसे आधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 Lightning II को निशाना बनाया है।
इस दावे के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। हालांकि अब तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि F-35 को वास्तव में गिराया गया है।
IRGC का दावा क्या है?
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि ईरान ने अपने अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया। हालांकि इस “सीक्रेट हथियार” की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कौन सा हो सकता है ये ‘सीक्रेट हथियार’?
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के पास कुछ ऐसे सिस्टम हैं जिनकी वजह से ये दावा किया जा रहा है:
1. एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम
Bavar-373 को ईरान का सबसे शक्तिशाली मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है, जो लंबी दूरी तक टारगेट को ट्रैक और नष्ट करने का दावा करता है।
2. लो-फ्रीक्वेंसी रडार
ऐसे रडार स्टेल्थ टेक्नोलॉजी वाले विमानों को भी पकड़ने में सक्षम बताए जाते हैं।
3. इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम
दुश्मन के रडार और कम्युनिकेशन सिस्टम को जाम करने की क्षमता, जिससे एडवांस जेट भी कमजोर पड़ सकते हैं।
क्या कहती है दुनिया?
अब तक Pentagon या किसी भी पश्चिमी देश ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि F-35 Lightning II को मार गिराना बेहद कठिन है।
सच या प्रोपेगैंडा?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के दावे कई बार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने या ताकत दिखाने के लिए भी किए जाते हैं।
ऐसे में बिना ठोस सबूत के इसे पूरी तरह सच मानना जल्दबाजी होगी।
निष्कर्ष
ईरान के “सीक्रेट हथियार” को लेकर चर्चा जरूर तेज है, लेकिन F-35 को मार गिराने का दावा अभी तक सिर्फ दावा ही है, पुष्टि नहीं।
आने वाले समय में ही इसकी सच्चाई सामने आ पाएगी।
Desk Report By In TV








